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यदि आप डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्राड के शिकार होते हैं तो सर्वप्रथम हेल्पलाइन टोल-फ्री नंबर 1930 पर डायल करें। स्टेट साइबर सेल आपकी शिकायत को गंभीरता से लेकर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
जवाब : आपको कोई फोन आए और कहा जाए कि हम पुलिस, नारकोटिक्स विभाग, सीबीआई, ईडी अथवा किसी और एजेंसी से बोल रहे हैं। आपके द्वारा की गई गड़बड़ी के लिए हम आपको डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं। अब आप हमारे आदेश के बिना कुछ नहीं करेंगे। इस तरह की बातों के पीछे साइबर फ्राड छिपे होते हैं। वे आपको अपनी बातों में फंसाकर ठगना चाहते हैं।
सवाल : फेक फोन काल आने पर हम क्या करें।
अभिषेक तिवारी, सीधी
जवाब : यदि आपको लगता है कि फेक फोन काल आ रहे हैं तो समझदारी इसी में है कि अनजाने काल उठाएं ही नहीं। यदि कोई बार-बार काल करने तो ऐसे संदिग्ध नंबर ब्लाक कर दें। यदि कोई लड़की बात कर रही है और आपको कोई लिंक क्लिक करने कह रही है तो उसकी बातों में हर्गिज न आएं।
सवाल : मैं साइबर फ्राड का शिकार हो गया हूं। लेकिन इस बारे में परिवार को बताने से डर रहा हूं।
राकेश कुमार, गढ़ा
जवाब : आप ऐसी गलती बिल्कुल मत कीजिए। सबसे पहले परिवार को भरोसे में लीजिए। बात चाहे जितनी भी गंभीर हो लेकिन आपके सच्चे साथी आपके परिवार के सदस्य ही हैं। वे आपको मुसीबत से निकालने में मानसिक सहित अन्य तमाम तरह से सहायता करेंगे। सीक्रेट रखने से समस्या सुलझने के स्थान पर विकराल होती चली जाती है। आप अवसाद में भी जा सकते हैं। जबकि परिवार का सपोर्ट मिलते ही पुलिस की सहायता से आपको उबरने का रास्ता मिल सकता है।
सवाल : प्लस टू थ्री नंबर से काल आने पर क्या करें।
मुकेश तिवारी, कटनी
जवाब : टेलीकाम कंपनियां डीएनडी सहित अन्य सुविधाएं दे चुकी हैं। इनकी मदद से ऐसे अनचाहे कालों से बचाव किया जा सकता है। इसलिए इन्हें एक्टिवेट कराना चाहिए।

सवाल : बिजली का बिल नहीं भरा तो कनेक्शन काट दिया जाएगा, ऐसा मैसेज भी आता है। क्या यह ठगी का एक तरीका है।
मनप्रीत सिंह, विजय नगर
जवाब : बिल्कुल, बिजली विभाग आपके द्वारा बिजली का बिल जमा न करने पर एकदम से ऐसे मैसेज नहीं करता। आपका बिजली कनेक्शन एकदम से विच्छेद नहीं किया जाता। यदि एक-दो माह का बिल जमा नहीं किया तो वह अगले माहों के बिल के साथ जुड़कर आ जाता है।

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